$ 0 0 थे टाप-जीन्स टल्ले सहित, कटिस्पर्शी केश |शौहदे पीछे लग लिये, देख 'पृष्ट परि-वेश' |देख पृष्ट परिवेश, कमेण्टस भद्दे कह डाले,मुड़ी हसीना, धमकी दे कर बोलीं 'साले' |कहे 'राज' कवि मित्र , हाय सरदार मस्त थे ,मीठी किशमिश समझ रहे,बादाम सख्त थे |